मासन का होली
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वाराणसी, जिसे कभी 'बनारस' बनारस के नाम से जाना जाता था, अपने धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्वभर में जाने-माने है। मासन होली, यहाँ का एक अनोखा और रंगीन उत्सव है, जो सामान्य होली से काफ़ी अलग है। यह उत्सव मासन समुदाय में मनाया जाता है, जहाँ लोग पारंपरिक लोक संगीत और नृत्य के साथ रंग खेलते हैं। मासन होली में, मिट्टी के बर्तन से रंगीन पानी की शरबत फेंका जाता है, जो देखने में बहुत ही मनमोहक लगता है। यह एहसास अनगिनत दर्शकों को अपनी ओर लुभाता है, जो इस विशेष उत्सव का हिस्सा लेने आते हैं।
मासन की होली
मासन की होली , हिमाचल प्रदेश के मनाली जिले के मासन गांव में मनाया जाने वाला एक अद्वितीय पारंपरिक कार्यक्रम है। यह उत्सव अन्य जगहों की होली से काफी अलग होता है, क्योंकि यहां लोग जानवरों के चमड़े के कपड़े से बने पोशाक का उपयोग करते हैं। स्थानीय लोग इस अवसर को अपनी विरासत को बनाए रखने के लिए समारोह के रूप में देखते हैं , और यह समुदाय दर वंश आगे चल रहा है। इस परंपरा लोगों को मोहित करती है और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वाराणसी में मासन होली का उत्सव
मासन होली, बनारस के लोगों के लिए एक अनूठा और बेहद उत्साहवर्धक पर्व है। यह होली के रंगोत्सव से पहले मनाया जाता है, और इसकी शुरुआत फाल्गुन मास की पूर्णिमा से होती है। पुराने रिवाजों के अनुसार, इस दिन लोग एक-दूसरे को गुलाल से रंगते हैं और पूरे शहर में जुलूस निकालते हैं। विशेष रूप से, मासन मंदिर क्षेत्र में यह उत्सव बड़ा धूमधाम से मनाया जाता है, जहाँ भक्तगण {भगवान|ईश्वर|देव) शंकर और पार्वती को समर्पित झांकियों और पूजन में भाग लेते हैं। मासन होली, एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में, वाराणसी की रंगीन परंपराओं में से एक है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। इस एक जीवंत अनुभव प्रदान करता है।
मासन होली
मासन होली, एक प्रकार का त्योहार है जिसे मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के मासन क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ उत्सव मना जाता है। इस होली अन्य होलियों से बड़ा वातावरण प्रदान करती है, क्योंकि यहां रंगों के साथ-साथ शंख बजाना और पवित्र गायन भी होते हैं। कहा जाता है कि मासन होली का संबंध प्राचीन युग से है, जब यह इलाके के स्थानीय परंपरा का आवश्यक भाग है। यह पीढ़ी दर पीढ़ी अभी भी जारी है, जो मासन लोगों की पहचान को जोड़ता है।
वाराणसी में मासन होली की धूम
बनारस में मासन होली का उत्सव पूरे उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह पारंपरिक त्योहार, खासकर शहर के मासन टोले में बड़ी उत्साह के साथ मनाया जाता है। अबीर की बौछार, उल्लास और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। पारंपरिक मासन होली में, लोग एक-दूसरे को धूल लगाकर बधाई देते हैं, और गाना के साथ उल्लास मनाते हैं। यह वास्तव में एक विशेष अनुभव है, जो लोगों को लुभाता करता है।
मासन पर्व
मासन होली, जिसे उत्सव रंग और उल्लास का अद्भुत अनुष्ठान है। यह विशिष्ट रूप से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड के दूरदराज क्षेत्रों में मनाया जाता है। प्रसिद्ध है कि मासन होली वसंत ऋतु के आरंभ का प्रतीक है और यह बुराई पर अच्छाई की जीत का भी संदेश है। लोग आनंद से रंग खेलते हैं, गीत गाते हैं और पारंपरिक कार्यक्रम करते हैं, जो कि असाधारण दृश्य होता है। इस श्रेष्ठ अवसर पर, हर कोई दोस्ताना होकर एक-दूसरे को रंग लगाने website और बधाई देने के लिए निकट आता है, जो कि गहरा प्रेम और भाईचारे का झलक है।
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